Yogi Adityanath: यूपी में निवेश परियोजनाओं को गति देने की तैयारी: IIDC दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।

Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक और निवेश हब बनाने के लिए योगी सरकार ने अपनी प्रशासनिक तैयारियों को और अधिक पुख्ता कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार की अध्यक्षता में एक अहम उच्चस्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न निवेशकों की समस्याओं का तय समयसीमा के भीतर समाधान करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।

कागजों से बाहर लाकर परियोजनाओं को जमीन पर उतारना प्राथमिकता सरकार का मुख्य फोकस निवेश प्रस्तावों को केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित रखने के बजाय उन्हें तेजी से धरातल पर उतारना है, ताकि प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा बढ़े और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें। बैठक के दौरान आईआईडीसी दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों को प्रक्रियाएं आसान करने और लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए।

इन 6 प्रमुख क्षेत्रों की परियोजनाओं पर हुई चर्चा इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से छह बड़े क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं की व्यावहारिक बाधाओं पर विस्तार से मंथन किया गया:

  • शिक्षा (Education)

  • रियल एस्टेट (Real Estate)

  • नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy)

  • प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क (Plug-and-Play Industrial Parks)

  • फूड प्रोसेसिंग (Food Processing)

  • होटल, रिसॉर्ट एवं पर्यटन (Hotels, Resorts & Tourism)

इन सेक्टरों के प्रोजेक्ट्स में आ रही जमीन के उपयोग (Land Use) में बदलाव, वैधानिक स्वीकृतियों, विभिन्न शुल्कों में छूट, सब्सिडी की प्रतिपूर्ति और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की गई और जल्द से जल्द राहत देने के निर्देश दिए गए।

विभागीय तालमेल से दूर होंगी प्रशासनिक अड़चनें बैठक में पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA), पावर कॉरपोरेशन, उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA), वन, राजस्व, उद्यान तथा आवास विकास विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विजय किरण आनंद ने भी बैठक में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जबकि बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

प्रशासनिक स्तर पर इस तरह के मजबूत तालमेल और जवाबदेही से यह तय माना जा रहा है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में निवेश परियोजनाओं के क्रियान्वयन में होने वाली अनावश्यक देरी पर लगाम लगेगी और राज्य का औद्योगिक विकास तेजी से आगे बढ़ेगा।

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