Harmanpreet Kaur: लंबे इंतजार के बाद हरमनप्रीत का बल्ला गरजा, 41 गेंदों में 91 रन ठोककर हुईं भावुक
Harmanpreet Kaur: जिम्बाब्वे के खिलाफ धमाकेदार पारी के बाद इंटरव्यू में छलके आंसू, हरमनप्रीत ने पूर्व कोच WV रमन और बल्लेबाजी कोच को दिया श्रेय
Harmanpreet Kaur: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में अपने बल्ले से शानदार जवाब दिया। उन्होंने महज 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की पारी खेलकर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मैदान पर आक्रामक बल्लेबाजी करने वाली हरमनप्रीत मैच के बाद इंटरव्यू के दौरान भावुक हो गईं। बातचीत करते समय उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उनके इस भावुक पल का वीडियो भी चर्चा में है।
हरमनप्रीत की यह पारी इसलिए भी खास रही, क्योंकि पिछले कुछ मुकाबलों से वह बड़ी पारी खेलने के लिए संघर्ष कर रही थीं। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें खुलकर खेलने का मौका मिला और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ आत्मविश्वास भी दिखाई दिया। पारी के बाद उन्होंने अपने प्रदर्शन में योगदान देने वाले लोगों का जिक्र किया और पूर्व कोच WV रमन के प्रति आभार जताया।
10 मैच के इंतजार के बाद हरमनप्रीत ने दिखाई आक्रामक बल्लेबाजी
हरमनप्रीत कौर के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ यह मुकाबला व्यक्तिगत तौर पर अहम रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 मैचों में वह अर्धशतक नहीं लगा पाई थीं। ऐसे में 41 गेंदों पर 91 रन की पारी उनके लिए लय हासिल करने का महत्वपूर्ण मौका बनी।
हरमनप्रीत ने अपनी पारी के दौरान 10 चौके और पांच छक्के लगाए। उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ लगातार रन बनाए और भारतीय टीम के स्कोर को मजबूती दी। उनकी नाबाद पारी ने दर्शाया कि लय में आने पर वह कितनी तेजी से मैच का रुख बदल सकती हैं।
इंटरव्यू के दौरान भावुक हुईं भारतीय बल्लेबाज
मैच के बाद हरमनप्रीत कौर से बातचीत की जा रही थी। इस दौरान भारतीय महिला टीम के पूर्व मुख्य कोच WV रमन भी बातचीत का हिस्सा थे। अपनी पारी और उसे बेहतर बनाने में मिले सहयोग के बारे में बात करते हुए हरमनप्रीत भावुक हो गईं।
उन्होंने बताया कि वह मैदान पर अपने खेल का आनंद लेना चाहती थीं। लंबे समय तक बल्लेबाजी करने का अवसर मिलना उनके लिए अच्छा अनुभव रहा। बातचीत के दौरान उन्होंने WV रमन की सलाह को याद किया और उनका धन्यवाद किया।
हरमनप्रीत की भावुक प्रतिक्रिया ने इस बात पर ध्यान खींचा कि खिलाड़ियों के लिए मैदान पर प्रदर्शन के साथ-साथ अभ्यास, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास भी कितना महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, उनके भावुक होने की वजह के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय उनके इंटरव्यू में कही गई बातों को ही आधार बनाना उचित है।
WV रमन की सलाह ने बढ़ाया आत्मविश्वास
हरमनप्रीत ने अपनी पारी का श्रेय पूर्व कोच WV रमन को भी दिया। उनके मुताबिक, रमन ने उन्हें अपने खेल के अनुसार बल्लेबाजी करने और मैदान पर अपनी शैली अपनाने की सलाह दी थी। इस सुझाव से उन्हें खुलकर खेलने का हौसला मिला।
क्रिकेट में बल्लेबाज की फॉर्म केवल तकनीक पर निर्भर नहीं करती, बल्कि आत्मविश्वास और मानसिक सहजता भी अहम भूमिका निभाते हैं। हरमनप्रीत की पारी के बाद रमन के प्रति उनका आभार जताना इसी पहलू को सामने लाता है। उन्होंने बातचीत में अपने खेल को लेकर मिले मार्गदर्शन को याद किया।
बल्लेबाजी कोच हिमांशु के योगदान का भी किया जिक्र
हरमनप्रीत ने अपनी शानदार पारी के लिए बल्लेबाजी कोच हिमांशु को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स के बाद उन्हें अभ्यास करने और अपनी बल्लेबाजी पर काम करने का समय मिला था।
नेट्स में की गई मेहनत और कोच के मार्गदर्शन से उन्हें अपनी तैयारी मजबूत करने का अवसर मिला। हरमनप्रीत ने अपने प्रदर्शन में कोच के योगदान को स्वीकार किया। उनके बयान से यह स्पष्ट हुआ कि वह इस पारी को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि सहयोग और मेहनत के परिणाम के तौर पर भी देख रही थीं।
कप्तानी छोड़ने के बाद बल्लेबाजी पर रहा ध्यान
हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में बतौर बल्लेबाज हिस्सा लिया। ऐसे में यह मुकाबला उनके लिए अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर भी था।
41 गेंदों में नाबाद 91 रन बनाने के बाद उनका भावुक होना और अपने मार्गदर्शकों को याद करना चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, इस पारी को उनके भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी के रूप में नहीं देखा जा सकता, लेकिन यह मुकाबला उनके लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि जरूर रहा।
शैफाली वर्मा ने भी बल्ले से दिया योगदान
तीसरे टी20 मुकाबले में हरमनप्रीत के अलावा सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने भी शानदार पारी खेली। उन्होंने 37 गेंदों में 69 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों के योगदान से भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 216 रन बनाए।
इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 124 रन ही बना सकी। भारत ने यह मुकाबला 92 रन से जीत लिया। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम की।
भारत की जीत के साथ हरमनप्रीत की पारी भी रही चर्चा में
जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत की जीत में हरमनप्रीत कौर की नाबाद 91 रन की पारी अहम रही। उन्होंने मुश्किल दौर के बाद शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया। मैच के बाद इंटरव्यू में उनका भावुक होना भी प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना।
हरमनप्रीत ने अपनी बातचीत में पूर्व कोच WV रमन और बल्लेबाजी कोच हिमांशु के सहयोग का उल्लेख किया। उनकी पारी और इंटरव्यू ने एक बार फिर दिखाया कि क्रिकेट में मैदान पर किए गए प्रयासों के पीछे लगातार अभ्यास, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।



