Devendra Fadnavis: टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद फडणवीस सरकार पर विपक्ष का हमला, रोहित पवार बोले- आम आदमी कैसे सुरक्षित रहेगा?

मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, जबकि एकनाथ शिंदे ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।

Devendra Fadnavis: मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि जब मुंबई में फिल्मी सितारे और राजनीतिक हस्तियां भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार से लेकर शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी, सुषमा अंधारे और एआईएमआईएम नेता वारिस पठान तक ने इस घटना को लेकर सरकार को घेरा है।

विपक्षी नेताओं ने मुंबई में लगातार सामने आ रही गोलीबारी और आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए पूछा कि क्या शहर फिर से 1990 के दशक के उस दौर की ओर बढ़ रहा है, जब अंडरवर्ल्ड का खौफ फिल्म इंडस्ट्री पर हावी था? वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टाइगर श्रॉफ से मुलाकात के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

रोहित पवार ने गृह विभाग को लेकर मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले को महाराष्ट्र की बिगड़ती कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अभिनेता के साथ हुई घटना में राहत की बात यह है कि उन्हें गोली नहीं लगी। लेकिन इससे पहले मुंबई में शिवसेना के एक नगर सेवक की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना भी सामने आ चुकी है।

रोहित पवार ने सवाल किया कि जब कलाकारों और हाई-प्रोफाइल राजनीतिक हस्तियों को गोलीबारी की घटनाओं में निशाना बनाया जा रहा है, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा? उन्होंने बारामती में भी गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए दावा किया कि महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है।

उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि गृह विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। ऐसे में अगर उनके पास इस विभाग पर ध्यान देने का पर्याप्त समय नहीं है, तो उन्हें यह जिम्मेदारी किसी अन्य विधायक को सौंप देनी चाहिए।

रोहित पवार ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किए जाने से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने मुंबई और पुणे में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

प्रियंका चतुर्वेदी ने पूछा- सरकार आखिर कहां है?

शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुंबई में पहले सलमान खान को निशाना बनाने की कोशिश हुई, फिर फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी से जुड़े मामले सामने आए और बाबा सिद्दीकी की हत्या जैसी गंभीर घटना भी हुई। अब टाइगर श्रॉफ पर हमले की खबर सामने आई है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाया कि मुंबई को देश के सबसे सुरक्षित शहरों में गिना जाता है, फिर यहां इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं? उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर वह कहां है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

विपक्ष का आरोप है कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी हस्तियों को लगातार धमकियां मिलने और उन पर हमलों की घटनाएं सामने आने के बावजूद अपराधियों में कानून का डर पैदा नहीं हो पा रहा है। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं के बीच किसी एक गिरोह की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच और आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।

सुषमा अंधारे बोलीं- बिश्नोई गैंग का खेल कब तक चलेगा?

शिवसेना (यूबीटी) की नेता सुषमा अंधारे ने टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले को बेहद गंभीर और चौंकाने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा कि मुंबई महाराष्ट्र में देश की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्री मौजूद है। ऐसे में कलाकारों का यहां रहना और काम करना स्वाभाविक है, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

सुषमा अंधारे ने सलमान खान और रोहित शेट्टी से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकाम रही है। उन्होंने पिछले साल दशहरे के दिन हुई बाबा सिद्दीकी की हत्या को भी याद किया और कहा कि इस घटना के बाद भी अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकियां दिए जाने और हमलों की जिम्मेदारी लेने के दावे सामने आना सरकार के लिए गंभीर चुनौती है। सुषमा अंधारे ने सवाल किया कि आखिर यह सिलसिला कब तक चलता रहेगा और सरकार केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस कार्रवाई कब करेगी?

उनके बयान का मुख्य संदेश यही था कि मुंबई में कानून का डर कमजोर पड़ने की धारणा को खत्म करना सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है।

वारिस पठान ने मुंबई पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने भी टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रविवार की शाम मुंबई के जुहू जैसे इलाके में गोलीबारी होना बेहद गंभीर मामला है। उनके मुताबिक, भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की घटना शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

वारिस पठान ने मुंबई के 1990 के दशक का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय अंडरवर्ल्ड का प्रभाव फिल्म इंडस्ट्री तक महसूस किया जाता था। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुंबई फिर उसी दौर की ओर लौट रही है, जहां फिल्मी सितारों को धमकियां मिलती थीं और गोलीबारी की घटनाएं आम थीं?

उन्होंने मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं में तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। वारिस पठान ने बाबा सिद्दीकी की हत्या और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े दूसरे मामलों का उल्लेख करते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की घटनाएं लगातार होती रहीं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ेगी। हालांकि, टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी जरूरी है।

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एकनाथ शिंदे ने दिया कार्रवाई का भरोसा

विपक्ष के हमलों के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे टाइगर श्रॉफ से मिलने उनके घर पहुंचे। रविवार, 18 अक्टूबर की शाम अभिनेता की कार पर पांच राउंड फायरिंग किए जाने की जानकारी सामने आई थी। अभिनेता इस घटना में बाल-बाल बच गए, जबकि कांच के टुकड़ों और बारूद की वजह से उन्हें चोटें आईं। उनके ड्राइवर और एक ऑटो चालक के घायल होने की भी जानकारी दी गई।

मुलाकात के बाद एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार और मुंबई पुलिस इस घटना को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने साफ किया कि मुंबई में गैंगवार और दहशत फैलाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

अब इस पूरे मामले में दो सवाल सबसे अहम हैं। पहला, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के पीछे असली वजह क्या थी और हमलावर कौन थे? दूसरा, मुंबई में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार और पुलिस क्या ठोस कदम उठाती हैं? विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। ऐसे में अब केवल बयान और आश्वासन नहीं, बल्कि पुलिस जांच के नतीजों और कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

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