Yogi Adityanath: सीएम योगी ने 16 मई 2014 को बताया नए भारत की दिशा बदलने वाला दिन, पीएम मोदी से जुड़ा है खास महत्व
Yogi Adityanath: लोहिया विधि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोले सीएम योगी, 2047 के विकसित भारत में युवाओं की होगी अहम भूमिका
Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 मई 2014 को देश के राजनीतिक और विकास संबंधी सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह तारीख देश की राजनीति में एक अहम बदलाव से जुड़ी है। इसी दिन लोकसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था, जिसके बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की विकास यात्रा में राजनीतिक स्थिरता और स्पष्ट नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश तथा समाज के निर्माण में करें। उनके मुताबिक, आज के विद्यार्थी आने वाले वर्षों में न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं में जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
2047 के भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2047 में देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे। उस समय भारत किस दिशा में आगे बढ़ेगा, इसमें आज के युवाओं का योगदान महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और अपने पेशेवर जीवन में ईमानदारी बनाए रखने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधि के विद्यार्थियों के सामने केवल डिग्री हासिल करने का लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें संविधान, न्याय और सामाजिक दायित्वों की गहरी समझ भी विकसित करनी चाहिए। कानून की जानकारी के साथ मानवीय संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों का होना भी जरूरी है।
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर कही बात
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने कानून का शासन स्थापित करने और अपराध तथा माफिया गतिविधियों पर अंकुश लगाने पर जोर दिया है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में गुंडाराज और माफिया गतिविधियों की समस्या थी।
योगी ने कहा कि कानून के शासन का उद्देश्य आम नागरिक को सुरक्षा का भरोसा देना और व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि न्याय व्यवस्था की मजबूती किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए आवश्यक है।
पुराने कानूनों में बदलाव और प्रमुख फैसलों का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के कार्यकाल के दौरान पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त करने की पहल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था को सरल बनाने और समय के अनुरूप सुधार करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे फैसलों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने इन कदमों को देश में बदलाव की व्यापक प्रक्रिया से जोड़ते हुए कहा कि संस्थाओं और व्यवस्थाओं को मजबूत बनाना विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को समझते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
वकीलों को सत्य और धर्म के रास्ते पर चलने की सलाह
योगी आदित्यनाथ ने भावी वकीलों को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय के क्षेत्र में काम करने वालों के लिए सत्यनिष्ठा और निरंतर अध्ययन बेहद जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाते रहें और पेशेवर जीवन में नैतिकता से समझौता न करें।
उन्होंने भगवान शिव, श्रीकृष्ण और भगवान राम के गुणों का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को जीवन के लिए एक संदेश दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, निर्णय लेते समय मन में शिव जैसी स्थिरता, जरूरतमंदों के प्रति श्रीकृष्ण जैसी संवेदनशीलता और अपनी बात निभाने में भगवान राम जैसी मर्यादा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में स्थिर सोच सही निर्णय लेने में मदद करती है, जबकि कमजोर और वंचित लोगों के प्रति संवेदनशीलता समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराती है। इसी तरह, अपनी बात और वचन पर कायम रहना व्यक्ति के चरित्र को मजबूत बनाता है।
कानून के विद्यार्थियों से जिम्मेदारी निभाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधि के क्षेत्र में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों को अपने पेशे को केवल आजीविका का साधन नहीं मानना चाहिए। वकील न्याय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं और उनके काम का असर आम लोगों के अधिकारों तथा समाज के भरोसे पर पड़ता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे अध्ययन, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में प्राथमिकता दें। योगी ने कहा कि देश के भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका केवल अवसर प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी योग्यता का इस्तेमाल समाज और राष्ट्र के हित में भी करना चाहिए।



