Prayagraj: पचखरा में मां दुर्गा की आराधना की धूम, स्थापना के 15वें वर्ष पर 19 अक्टूबर को होगा विशाल भंडारा
Prayagraj: जसरा क्षेत्र में भक्तिमय माहौल, आकर्षक पंडाल में दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु
Prayagraj: विकास खंड जसरा के अंतर्गत ग्रामसभा पचखरा में मां दुर्गा की स्थापना के 15वें वर्ष का उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। नवरात्र के पावन अवसर पर पूरे गांव में धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है। मां दुर्गा की आराधना को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह है और गांव का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। मां दुर्गा के भव्य पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर मां के दर्शन कर रहे हैं। पंडाल में पूजा-अर्चना के लिए आने वाले भक्त मां के समक्ष शीश झुकाकर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मां के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और समर्पण से पूरा आयोजन धार्मिक उल्लास के साथ आगे बढ़ रहा है।
मां दुर्गा की स्थापना के 15वें वर्ष का यह आयोजन ग्रामसभा पचखरा के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर गांव के लोगों में धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने और आयोजन को सफल बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता दिखाई दे रही है। ग्रामीण एकजुट होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और मां दुर्गा के इस पावन आयोजन में यथासंभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं। गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास के गांवों और क्षेत्रों से भी श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इससे पंडाल में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रहती है। मां दुर्गा के दर्शन करने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ अपने परिवार और समाज के कल्याण की कामना कर रहे हैं।
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी परंपरा के तहत पचखरा में भी नवरात्र के अवसर पर मां की आराधना श्रद्धा और विधि-विधान के साथ की जा रही है। मां दुर्गा की पूजा-अर्चना पंडित प्रभाकर मिश्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हो रही है। पंडित प्रभाकर मिश्रा ग्रामसभा भीटा के निवासी हैं। उनके मार्गदर्शन में धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं और श्रद्धालु पूजा में भाग लेकर मां का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। पूजा पंडाल में आने वाले भक्तजन पूरे श्रद्धा भाव से मां की आराधना कर रहे हैं।
नवरात्र के छठवें दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। मां कात्यायनी की आराधना के अवसर पर श्रद्धालु मां के समक्ष पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र में मां के विभिन्न स्वरूपों की उपासना भक्तों में आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु नवरात्र के दिनों में मां की पूजा-अर्चना में भाग ले रहे हैं। पचखरा में भी भक्तजन मां के दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हो रहे हैं। गांव में नवरात्र को लेकर बना उत्साह इस आयोजन को और भी विशेष बना रहा है।
ग्रामसभा पचखरा में मां दुर्गा की स्थापना के 15वें वर्ष के अवसर पर पूजा-पाठ के साथ सामूहिक सहभागिता पर भी विशेष जोर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का सहयोग आयोजन की महत्वपूर्ण विशेषता बना हुआ है। गांव के लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार तन-मन-धन से सहयोग कर रहे हैं, ताकि धार्मिक कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल ढंग से संपन्न कराया जा सके। आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की भागीदारी भी आयोजन के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाती है। मां दुर्गा के पंडाल में पहुंचकर लोग दर्शन-पूजन करते हैं और कुछ समय भक्तिमय वातावरण में बिताते हैं। इस तरह यह आयोजन गांव के लोगों को एक साथ जोड़ने का अवसर भी प्रदान कर रहा है।
आयोजन समिति के सदस्य शुभम सिंह और समस्त ग्रामसभा पचखरा की ओर से जानकारी दी गई कि 19 अक्टूबर 2026 को मां रानी का विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा। भंडारे को लेकर श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है। आयोजकों के अनुसार, इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के भक्तजन पहुंचकर मां के दर्शन कर सकेंगे और भंडारे में प्रसाद ग्रहण करेंगे। मां दुर्गा की स्थापना के 15वें वर्ष पर आयोजित होने वाले इस भंडारे को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर मां दुर्गा के भव्य पंडाल में पहुंचें, पूजा-अर्चना करें और मां रानी का प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
आयोजक शुभम सिंह और ग्रामसभा पचखरा की ओर से सभी भक्तजनों से धार्मिक कार्यक्रम में सहभागी बनने का आग्रह किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए आयोजन में शामिल हों और भंडारे का प्रसाद ग्रहण करें। इस आमंत्रण के माध्यम से आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं को भी कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है। धार्मिक आयोजनों में सामूहिक सहभागिता से आपसी मेलजोल और सहयोग की भावना मजबूत होती है। पचखरा में आयोजित यह कार्यक्रम भी ग्रामीणों की एकजुटता और मां दुर्गा के प्रति उनकी श्रद्धा का परिचायक है।
मां दुर्गा की स्थापना के 15वें वर्ष का उत्सव गांव में धार्मिक परंपरा और सामूहिक सहयोग के साथ मनाया जा रहा है। ग्रामीण आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। पूजा पंडाल की सजावट, दर्शन-पूजन और नवरात्र के कार्यक्रमों के चलते गांव में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। प्रतिदिन मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। नवरात्र के दौरान मां की आराधना को लेकर लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों की सहभागिता से आयोजन में सामुदायिक एकता की झलक भी देखने को मिल रही है।
ग्रामसभा पचखरा में मां दुर्गा की स्थापना के 15वें वर्ष का यह आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव के लोगों को एक साथ जोड़ने का अवसर भी बन रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से धार्मिक कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर अपने परिवार और समाज के लिए मंगलकामना कर रहे हैं। वहीं, 19 अक्टूबर को प्रस्तावित विशाल भंडारे को लेकर आयोजकों की ओर से भक्तजनों को आमंत्रित किया गया है। आयोजकों ने आशा जताई है कि क्षेत्र के अधिक से अधिक श्रद्धालु इस अवसर पर पहुंचकर मां का प्रसाद ग्रहण करेंगे।
इस धार्मिक आयोजन में ग्रामसभा के लोगों और क्षेत्र के श्रद्धालुओं की सक्रिय सहभागिता बनी हुई है। कार्यक्रम के अवसर पर कृष्णा प्रसाद द्विवेदी, बच्चा द्विवेदी, सौरभ सिंह, श्लोक सिंह, गौरव सिंह, शुभम सिंह, दिवाकर सिंह और नानके द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी लोग मां दुर्गा की स्थापना के 15वें वर्ष के आयोजन में अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। ग्रामीणों के सहयोग और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच पचखरा में मां दुर्गा की आराधना का कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और भक्तिमय वातावरण में मनाया जा रहा है।



