Rajnath Singh: राजनाथ सिंह का विपक्ष पर तीखा हमला, बोले- SIR और ज्ञानेश कुमार मुद्दा नहीं, सत्ता हथियाना है एजेंडा
प्रशांत भूषण के ‘रिजीम चेंज’ बयान पर भड़के रक्षा मंत्री, देवेंद्र फडणवीस ने भी विपक्ष पर साधा निशाना
Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग बांग्लादेश में हुई घटनाओं की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि विपक्ष का यह आंदोलन चुनावी सुधार या युवाओं के भविष्य के लिए नहीं है, बल्कि देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग खुले तौर पर बांग्लादेश के घटनाक्रम से प्रेरणा लेने की बात कर रहे हैं और सरकार गिराने की मंशा जाहिर कर रहे हैं।
प्रशांत भूषण के बयान के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत भूषण ने ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की बात स्वीकार करते हुए कहा, “हां, हम रिजीम चेंज चाहते हैं।”
इसी बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेता नेहा बोरा का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश में हुए हालिया प्रदर्शनों से प्रेरणा लेने की बात कही। इन बयानों को आधार बनाकर भाजपा ने विपक्ष पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि आंदोलन की आड़ में देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश हो रही है।
‘युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरा बनाया जा रहा’
राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरे की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बांग्लादेश में हुई घटनाओं की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। रक्षा मंत्री के मुताबिक, कुछ लोग खुले तौर पर बांग्लादेश के हालात से प्रेरणा लेने की बात कर रहे हैं, जबकि दूसरे लोग सरकार गिराने की बातें कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन बयानों से उनके इरादे स्पष्ट होते हैं। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना और देश में अशांति फैलाना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे विवाद को केवल SIR या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए।
देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रशांत भूषण पर साधा निशाना
इस विवाद में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रशांत भूषण के बयान पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “It’s done bro, everything is exposed!! Afterall, it was all about ‘Regime Change’।”
फडणवीस ने आगे कहा कि आखिरकार मन में छिपी बात सामने आ ही गई और पूरा खेल सत्ता की कुर्सी हासिल करने का है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाने, जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाने तथा प्रतिष्ठित संस्थाओं की छवि खराब करने से भी परहेज नहीं किया जा रहा है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही कुछ लोगों का उद्देश्य है।
SIR और ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी है सियासी टकराव
SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार तथा विपक्ष के बीच पहले से ही राजनीतिक टकराव जारी है। विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा इन विरोध प्रदर्शनों को सत्ता परिवर्तन की राजनीति से जोड़ रही है।
राजनाथ सिंह के ताजा बयान और देवेंद्र फडणवीस की टिप्पणी से यह विवाद और तेज हो गया है। जहां भाजपा इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं और सरकार के खिलाफ अराजकता फैलाने की कोशिश बता रही है, वहीं इस पूरे मामले के केंद्र में चुनावी सुधार, SIR और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर उठ रहे सवाल भी बने हुए हैं।



