Donald Trump: रूसी तेल पर प्रतिबंध हटाने के ट्रंप के फैसले के खिलाफ अमेरिकी सांसद, द्विदलीय विधेयक लाने की तैयारी

Donald Trump: रिपब्लिकन सांसद ब्रायन फिट्जपैट्रिक और डॉन बेकन ने जताया विरोध, ‘रोनाल्ड रीगन पीस थ्रू स्ट्रेंथ एक्ट’ के जरिए रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाने की तैयारी

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस से डीजल आपूर्ति को लेकर किए गए समझौते और रूसी तेल पर प्रतिबंधों में ढील देने के फैसले ने अमेरिकी संसद में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस फैसले के विरोध में रिपब्लिकन सांसद ब्रायन फिट्जपैट्रिक ने द्विदलीय विधेयक लाने की घोषणा की है। उनका उद्देश्य रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाने के लिए अमेरिकी संसद का समर्थन जुटाना है।

फिट्जपैट्रिक के इस प्रयास को रिपब्लिकन सांसद डॉन बेकन का भी समर्थन मिला है। बेकन ने विधेयक का सह-प्रायोजक बनने की सहमति जताई है। हालांकि, मौजूदा प्रतिनिधि सभा का कार्यकाल जनवरी में समाप्त होने वाला है, ऐसे में विधेयक को पारित कराने के लिए सांसदों के पास सीमित समय है।

‘रोनाल्ड रीगन पीस थ्रू स्ट्रेंथ एक्ट’ लाने की तैयारी

कांग्रेस के यूक्रेन कॉकस के सह-अध्यक्ष फिट्जपैट्रिक ने सोशल मीडिया पर कहा कि रूसी तेल की सभी खरीद रोकने के लिए द्विदलीय कानून पेश किया जाएगा। प्रस्तावित विधेयक का नाम ‘रोनाल्ड रीगन पीस थ्रू स्ट्रेंथ एक्ट’ रखा गया है। उन्होंने इसे संसद में व्यापक समर्थन के साथ पारित कराने की उम्मीद जताई। वहीं, डॉन बेकन ने भी रूस के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

ट्रंप के फैसले पर सांसदों ने उठाए सवाल

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर बातचीत के बाद ट्रंप ने रूस से 3,00,000 टन डीजल की आपूर्ति को लेकर समझौते की घोषणा की थी। इस फैसले ने उन अमेरिकी सांसदों को नाराज कर दिया है, जो रूस पर आर्थिक दबाव बनाए रखने के पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि रूसी ऊर्जा आयात पर प्रतिबंधों में ढील देने से रूस को आर्थिक लाभ मिल सकता है।

सीनेटर जीन शाहीन ने कहा कि राष्ट्रपति को 2022 में रूसी ऊर्जा आयात पर लगाए गए प्रतिबंधों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने ट्रंप और पुतिन के बीच हुए समझौते की आलोचना की, जबकि डेमोक्रेटिक सांसद डेव मिन ने रूस के साथ अमेरिकी प्रशासन के रुख पर कटाक्ष किया।

रूसी तेल से क्रेमलिन को मदद मिलने की आशंका

रिपब्लिकन सांसद माइकल मैक्कॉल ने भी इस फैसले पर चिंता जताई। उनका कहना है कि डीजल की कीमतें कम करने के उद्देश्य से रूसी तेल पर प्रतिबंध हटाना रूस की युद्ध संबंधी गतिविधियों को आर्थिक मदद देने जैसा हो सकता है। उनके अनुसार, इससे हिंसा और तबाही बढ़ने का खतरा है।

रूसी तेल को लेकर ट्रंप प्रशासन और अमेरिकी सांसदों के बीच बढ़ता मतभेद ऊर्जा नीति के साथ-साथ रूस-यूक्रेन संघर्ष पर अमेरिकी रणनीति को लेकर भी महत्वपूर्ण राजनीतिक बहस बन गया है। प्रस्तावित विधेयक पर आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे संसद में कितना समर्थन मिलता है और इसे पारित कराने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध हो पाता है या नहीं।

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