Jewar Airport: जेवर एयरपोर्ट की बदलेगी पहचान, ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ नाम को कैबिनेट की मंजूरी
Jewar Airport: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में किया ऐलान, गौतमबुद्धनगर की महत्वाकांक्षी हवाई अड्डा परियोजना को प्रधानमंत्री के नाम से जाना जाएगा
Jewar Airport: उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नामकरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने इस हवाई अड्डे का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद जेवर एयरपोर्ट को ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के नाम से पहचान देने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान की। इससे पहले राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में नाम बदलने से जुड़े प्रस्ताव पर फैसला लिया गया। सरकार के इस निर्णय के बाद जेवर एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर आगे की औपचारिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
योगी सरकार की कैबिनेट ने लिया निर्णय
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जेवर एयरपोर्ट के नाम परिवर्तन का प्रस्ताव रखा गया, जिसे मंजूरी मिलने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी। कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हवाई अड्डे का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा जाएगा।
इस फैसले के साथ ही परियोजना के नाम को लेकर नया अध्याय शुरू हुआ है। नाम परिवर्तन से संबंधित शेष प्रक्रियाओं और आधिकारिक दस्तावेजों में नए नाम को दर्ज किए जाने की स्थिति पर आगे नजर रहेगी।
दिल्ली-एनसीआर को मिलेगी बेहतर हवाई कनेक्टिविटी
गौतमबुद्धनगर के जेवर क्षेत्र में विकसित हो रहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश की बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में गिना जाता है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में हवाई परिवहन की क्षमता बढ़ाना और यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
जेवर एयरपोर्ट के विकसित होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को हवाई यात्रा के लिए एक और महत्वपूर्ण विकल्प मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।
व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी बड़ी परियोजनाओं का असर परिवहन सुविधाओं के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित होने से कारोबार, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और निवेश से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
इसके अलावा, परियोजना और उससे जुड़ी सुविधाओं के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद भी की जाती है। हालांकि, इन संभावनाओं का वास्तविक प्रभाव एयरपोर्ट के संचालन और क्षेत्र में होने वाले विकास पर निर्भर करेगा।
नाम परिवर्तन के बाद अगली प्रक्रिया पर नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुसार, कैबिनेट ने जेवर एयरपोर्ट का नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इस निर्णय को लागू करने के लिए आवश्यक आधिकारिक प्रक्रियाओं की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में हवाई संपर्क और बुनियादी ढांचे के विस्तार की दृष्टि से अहम परियोजना है। ऐसे में इसके नामकरण से जुड़ा यह फैसला राज्य सरकार के प्रमुख निर्णयों में शामिल हो गया है।



