Jan Suraaj Party: जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले जन सुराज का सरकार पर हमला, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई
Jan Suraaj Party: राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने प्रदर्शन पर रोक को संवैधानिक अधिकारों से जोड़ा, दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठाए सवाल
Jan Suraaj Party: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जन सुराज पार्टी ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने दावा किया कि सरकार इस आंदोलन को लेकर दबाव में है और ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना पड़ेगा।
कुमार सौरभ सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर रोक लगाना लोकतांत्रिक व्यवस्था में मिले अधिकारों से जुड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के आंदोलन को रोकने की कोशिश की जा रही है। ये आरोप जन सुराज की ओर से लगाए गए हैं।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर उठाए सवाल
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों की ओर से प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। आंदोलन के आयोजक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। वहीं, आयोजकों ने युवाओं से दिल्ली पहुंचने की अपील की है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमार सौरभ ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और इसे रोकने के फैसले पर सवाल उठना स्वाभाविक है। (The Indian Express)
‘सरकार को आखिरकार जवाब देना पड़ेगा’
जन सुराज प्रवक्ता ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बढ़ते विरोध और चुनाव आयोग की भूमिका पर उठ रहे सवालों ने सरकार को असहज स्थिति में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितना बचाव करे, लेकिन प्रदर्शनकारियों की मांग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकेगा।
कुमार सौरभ ने यह भी कहा कि युवाओं के बीच इस मुद्दे को लेकर नाराजगी है। हालांकि, सरकार के दबाव में होने और मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना पड़ने संबंधी बातें उनके राजनीतिक आकलन और मांग का हिस्सा हैं; इन्हें किसी आधिकारिक फैसले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
पेपर लीक आंदोलन का भी किया जिक्र
कुमार सौरभ सिंह ने अपने बयान में पेपर लीक से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि पहले भी सरकार ने आंदोलनों को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।
उन्होंने इसी घटनाक्रम का हवाला देकर कहा कि मौजूदा प्रदर्शन को भी दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी। यह तुलना जन सुराज प्रवक्ता ने अपने बयान में की है। (The Indian Express)
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
10 अक्टूबर के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जंतर-मंतर और नई दिल्ली के आसपास पुलिस तथा केंद्रीय सशस्त्र बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। अधिकारियों का जोर भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।
जन सुराज ने इन इंतजामों पर सवाल उठाते हुए राजधानी की स्थिति की तुलना आपातकाल जैसे माहौल से की है। हालांकि, यह पार्टी की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में प्रशासन का पक्ष कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़ा है। (Reuters)
SIR और चुनाव आयोग को लेकर जारी है विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों और युवा संगठनों के प्रदर्शन पिछले कुछ दिनों से जारी हैं। विवाद का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। प्रदर्शनकारी इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सरकार की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए आरोपों पर अलग-अलग स्पष्टीकरण दिए गए हैं। ऐसे में SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन पर नजर
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर अब सबकी नजर 10 अक्टूबर की गतिविधियों पर है। अनुमति नहीं मिलने के बावजूद आयोजकों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। वहीं, पुलिस ने प्रतिबंधित क्षेत्रों में भीड़ जुटने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है।
प्रदर्शन में कितने लोग शामिल होंगे और प्रशासन स्थिति को किस तरह संभालेगा, यह आगे स्पष्ट होगा। फिलहाल जन सुराज ने आंदोलन के समर्थन में अपनी बात रखी है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार को घेरा है।



