Nana Patekar Family: कौन थीं पत्नी नीलकांति? दो बेटों में से एक की कम उम्र में हुई मौत, जानें ‘क्रांतिवीर’ की फैमिली

नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके परिवार और निजी जिंदगी को लेकर चर्चा है। जानिए कौन थीं उनकी पत्नी नीलकांति, उनके कितने बच्चे थे और आखिरी समय में उनके साथ कौन मौजूद था।

Nana Patekar Family: बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। 75 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। अभिनेता को गोवा स्थित उनके फ्लैट में सीने में तेज दर्द के बाद गंभीर हालत में पाया गया था। मेडिकल टीम ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर की मौत कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई।

नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों के साथ-साथ पूरा फिल्म जगत सदमे में है। अपनी दमदार अदाकारी, अलग अंदाज और प्रभावशाली संवाद अदायगी के लिए मशहूर नाना ने दशकों तक सिनेमा पर अपनी छाप छोड़ी। लेकिन फिल्मों से अलग उनकी निजी जिंदगी भी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। आइए जानते हैं उनके परिवार में कौन-कौन था और उनके आखिरी समय में उनके साथ कौन मौजूद था।

आखिरी समय में नाना पाटेकर के साथ कौन था?

नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर के अनुसार, अभिनेता को सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई थी। इसके बाद उनके फ्लैट पर मेडिकल टीम भेजी गई। जब टीम वहां पहुंची तो नाना बेहोशी की हालत में थे और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे।

मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने के लिए तुरंत सीपीआर शुरू किया। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक, एंबुलेंस सुबह करीब 4:20 बजे अभिनेता के घर पहुंची थी। उन्हें अस्पताल ले जाते समय भी सीपीआर दिया जाता रहा। अस्पताल पहुंचने के बाद करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

डॉक्टरों ने सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के मुताबिक, उस समय नाना के परिवार का कोई सदस्य उनके साथ नहीं था। उनके केयरटेकर और कुछ दोस्त उनके आसपास मौजूद थे। मामले को मेडिको-लीगल केस के तौर पर दर्ज किया गया है।

कौन थीं नाना पाटेकर की पत्नी नीलकांति?

नाना पाटेकर की शादी साल 1978 में नीलकांति पाटेकर से हुई थी। नीलकांति का संबंध भी फिल्म इंडस्ट्री से रहा है। हालांकि, दोनों का वैवाहिक जीवन लंबे समय तक साथ नहीं चल सका और बाद में दोनों अलग रहने लगे।

नाना पाटेकर ने अपने निजी जीवन को हमेशा काफी हद तक निजी ही रखा। यही वजह है कि उनकी पारिवारिक जिंदगी को लेकर बहुत ज्यादा बातें सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आती रहीं। पत्नी से अलग होने के बाद उन्होंने अपना अधिक समय अभिनय, सामाजिक कार्यों और खेती से जुड़े कामों में लगाया।

दो बेटों के पिता थे नाना पाटेकर

नाना पाटेकर और नीलकांति के दो बेटे हुए। उनके बड़े बेटे का नाम दुर्वासा था, लेकिन बेहद कम उम्र में ही बीमारी के कारण उनका निधन हो गया। बताया जाता है कि दुर्वासा महज दो साल के थे। बेटे को खोना नाना के जीवन का सबसे दर्दनाक दौर रहा।

इसके बाद उनके परिवार में बेटे मल्हार पाटेकर ही उनके साथ रहे। मल्हार अपने पिता की तरह फिल्मों में सक्रिय नहीं रहे, लेकिन वह कई मौकों पर नाना के साथ नजर आए हैं। नाना के आखिरी समय की जानकारी भी उनके बेटे मल्हार की ओर से सामने आई।

27 एकड़ के फार्महाउस पर बिताते थे काफी समय

नाना पाटेकर को खेती से भी काफी लगाव था। अभिनय की व्यस्तता से समय मिलने पर वह पुणे के पास स्थित अपने फार्महाउस पर समय बिताना पसंद करते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पास करीब 27 एकड़ जमीन थी, जहां वह खेती भी करते थे।

फिल्मी दुनिया की चकाचौंध से दूर रहकर खेती और ग्रामीण जीवन से जुड़ना नाना को पसंद था। वह किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय रखते रहे हैं। यही वजह है कि उनकी पहचान सिर्फ अभिनेता तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्ति के तौर पर भी बनी।

अभिनय के साथ निर्देशन में भी आजमाया हाथ

नाना पाटेकर ने सिर्फ अभिनय ही नहीं किया, बल्कि निर्देशन में भी अपनी किस्मत आजमाई। साल 1991 में उन्होंने फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ का निर्देशन किया था। फिल्म में उन्होंने खुद भी अहम भूमिका निभाई थी।

नाना ने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई यादगार किरदार निभाए। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘यशवंत’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘राजनीति’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।

वहीं, ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी के किरदार ने उनकी एक अलग छवि बना दी। फिल्म के संवाद और उनका अंदाज आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय है।

राष्ट्रीय पुरस्कार से पद्मश्री तक मिला सम्मान

नाना पाटेकर को उनके शानदार अभिनय के लिए कई बड़े सम्मान मिले। फिल्म ‘सलाम बॉम्बे!’ में उनके काम को भी खूब सराहा गया और उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा गया।

नाना पाटेकर का फिल्मी सफर करीब पांच दशकों तक फैला रहा। गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमेडी और एक्शन तक उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और हर भूमिका में अपनी अलग पहचान छोड़ी।

तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर के निधन पर दी प्रतिक्रिया, बोलीं- आज का दिन मेरे लिए बेहद अजीब

पुणे के फार्महाउस में होगा अंतिम संस्कार

नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए पुणे के पास स्थित उनके फार्महाउस ले जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि उनका अंतिम संस्कार भी वहीं किया जाएगा।

एक अभिनेता के तौर पर नाना पाटेकर ने भारतीय सिनेमा को कई यादगार किरदार दिए। पर्दे पर उनकी आवाज, संवाद बोलने का अंदाज और अभिनय की गहराई उन्हें हमेशा अलग बनाती रही। अब उनके निधन के साथ हिंदी और मराठी सिनेमा के एक बेहद प्रभावशाली अध्याय का अंत हो गया है।

Related Articles