TRAI: डेटा नहीं चाहिए? Airtel, Jio और Vi लाएंगे Voice-SMS Only रिचार्ज प्लान

TRAI: 21 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम, मोबाइल ग्राहकों को मिलेंगे जरूरत के हिसाब से रिचार्ज विकल्प

TRAI: मोबाइल ग्राहकों के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे रिचार्ज प्लान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, जिनमें केवल वॉयस कॉलिंग और SMS की सुविधा हो। इस फैसले के बाद Airtel, Jio और Vodafone Idea (Vi) को अपने ग्राहकों के लिए नए Voice-SMS Only प्लान पेश करने होंगे।

नए नियम 21 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे और इसका उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प देना है, जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं होती।

क्या है TRAI का नया निर्देश?

TRAI के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों को हर उस वैलिडिटी अवधि के लिए Voice-SMS Only प्लान उपलब्ध कराना होगा, जिसके लिए वे पहले से डेटा वाले रिचार्ज प्लान बेच रही हैं। इसका मतलब है कि अब ग्राहकों को केवल लंबी अवधि वाले कॉलिंग प्लान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

साथ ही कंपनियों को कम से कम एक ऐसा प्लान भी लॉन्च करना होगा, जिसमें सिर्फ कॉलिंग और SMS की सुविधा हो और उसकी वैलिडिटी 30 दिनों से अधिक हो।

किन ग्राहकों को मिलेगा फायदा?

यह फैसला खासकर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो इंटरनेट का बहुत कम इस्तेमाल करते हैं। इनमें फीचर फोन यूजर्स, वरिष्ठ नागरिक, केवल कॉलिंग के लिए सिम रखने वाले ग्राहक और Wi-Fi पर निर्भर रहने वाले लोग शामिल हैं।

ऐसे ग्राहकों को अब अनावश्यक डेटा पैक के लिए अतिरिक्त रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी और वे अपनी जरूरत के अनुसार रिचार्ज चुन सकेंगे।

रिचार्ज तारीख की परेशानी भी होगी कम

TRAI ने मासिक रिचार्ज से जुड़ी समस्या को भी ध्यान में रखा है। नए नियमों के तहत कंपनियों को कम से कम एक ऐसा प्लान देना होगा, जिसे हर महीने एक ही तारीख पर रिन्यू किया जा सके।

यदि किसी महीने में वह तारीख मौजूद नहीं होती है, तो रिचार्ज स्वतः उस महीने के अंतिम दिन नवीनीकृत होगा। इससे ग्राहकों को बार-बार बदलती रिचार्ज तारीखों की दिक्कत से राहत मिलेगी।

क्यों जरूरी पड़ा यह बदलाव?

TRAI का कहना है कि पहले भी कंपनियों को Voice-SMS आधारित प्लान देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन ऐसे विकल्प सीमित संख्या में उपलब्ध थे। अधिकतर प्लान लंबी वैधता वाले थे, जिससे कम अवधि के सस्ते विकल्प तलाशने वाले ग्राहकों को परेशानी होती थी।

इसी वजह से नियामक ने नए नियम तैयार किए और सार्वजनिक सुझाव लेने के बाद इन्हें लागू करने का फैसला किया।

टेलीकॉम कंपनियों ने क्या कहा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, Airtel, Jio और Vodafone Idea ने इस प्रस्ताव पर कुछ तकनीकी और व्यावसायिक चिंताएं जताई थीं। कंपनियों का तर्क था कि आधुनिक 4G और 5G नेटवर्क में वॉयस सेवाएं भी इंटरनेट आधारित तकनीक पर संचालित होती हैं।

हालांकि, TRAI का मानना है कि ग्राहकों को उनकी जरूरत के मुताबिक रिचार्ज विकल्प मिलना चाहिए। यही वजह है कि अब केवल कॉलिंग और SMS सेवाओं वाले प्लान भी बाजार में दिखाई देंगे।

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