Technology: स्टोरेज ड्राइव फेल होने से पहले मिलते हैं ये संकेत, SSD और HDD का अंतर समझिए

Technology: SSD और HDD दोनों स्टोरेज डिवाइस हैं, लेकिन खराब होने पर इनका व्यवहार अलग होता है। कुछ संकेत पहले से मिल जाते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

Technology: आज के समय में कंप्यूटर, लैपटॉप और कई अन्य डिवाइस में SSD और HDD का इस्तेमाल किया जाता है। दोनों का काम डेटा स्टोर करना है, लेकिन इनके काम करने का तरीका और खराब होने की स्थिति एक-दूसरे से काफी अलग होती है।

कई बार यूजर्स को अचानक फाइलें खुलने में परेशानी होने लगती है या सिस्टम बार-बार हैंग होने लगता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि समस्या SSD में है या HDD में।

SSD खराब होने पर क्या संकेत मिलते हैं?

SSD में कोई मैकेनिकल पार्ट नहीं होता। यही वजह है कि इसके खराब होने पर आमतौर पर आवाज नहीं आती।

हालांकि, कुछ संकेत पहले दिखाई दे सकते हैं। जैसे फाइलें अचानक ओपन न होना, ऐप्स का बार-बार क्रैश होना, सिस्टम का धीमा पड़ जाना या स्टोरेज ड्राइव का कभी दिखना और कभी गायब हो जाना।

कुछ मामलों में SSD केवल रीड मोड में काम करने लगती है। इसके अलावा डेटा कॉपी या सेव करने की स्पीड भी अचानक कम हो सकती है।

HDD फेल होने से पहले क्या होता है?

HDD में घूमने वाले प्लेटर और रीड-राइट हेड मौजूद होते हैं। इसलिए इसमें मैकेनिकल खराबी की संभावना रहती है।

अगर HDD में समस्या शुरू हो रही हो तो क्लिकिंग, ग्राइंडिंग या अन्य असामान्य आवाजें सुनाई दे सकती हैं। इसके अलावा बूट होने में ज्यादा समय लगना, फाइल ट्रांसफर की स्पीड कम होना और सिस्टम का बार-बार फ्रीज होना भी चेतावनी संकेत माने जाते हैं।

डेटा रिकवरी में क्यों है बड़ा फर्क?

SSD और HDD के बीच सबसे बड़ा अंतर डेटा रिकवरी को लेकर देखा जाता है।

SSD में TRIM तकनीक का इस्तेमाल होता है, जो डिलीट किए गए डेटा को दोबारा उपयोग के लिए तैयार कर देती है। इसी वजह से SSD से डेटा रिकवर करना कई बार ज्यादा मुश्किल हो सकता है।

वहीं HDD में डेटा रिकवरी की संभावना अपेक्षाकृत बेहतर मानी जाती है, खासकर तब जब ड्राइव पूरी तरह क्षतिग्रस्त न हुई हो।

डेटा सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?

विशेषज्ञ नियमित बैकअप लेने की सलाह देते हैं। यदि सिस्टम में अचानक धीमापन, बार-बार एरर या स्टोरेज से जुड़ी समस्या दिखाई दे, तो तुरंत डेटा का बैकअप बना लेना चाहिए।

इसके अलावा ड्राइव की हेल्थ समय-समय पर जांचना और जरूरी फाइलों को क्लाउड या बाहरी स्टोरेज में सुरक्षित रखना भविष्य में होने वाले नुकसान से बचा सकता है।

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