यूपी में वाहन चोरी से मैन्युफैक्चरिंग तक का सफर, कट्टा फैक्ट्री की जगह रक्षा उत्पादन; UP ट्रेड शो में अमित शाह ने गिनाया बदलाव
ग्रेटर नोएडा में UP International Trade Show 2026 के उद्घाटन पर अमित शाह ने यूपी के औद्योगिक बदलाव, डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस, AK-203 और ODOP का जिक्र किया
उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग और रक्षा उत्पादन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के कार्यकाल में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के उद्घाटन समारोह में शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कभी निवेश के लिए अनुकूल माहौल को लेकर सवाल उठते थे, लेकिन अब राज्य विनिर्माण, निर्यात और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
ट्रेड शो के मंच से यूपी के बदलाव का जिक्र
ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में UP International Trade Show के चौथे संस्करण का आगाज हुआ। यह आयोजन 25 से 29 सितंबर तक चलेगा। इस बार ट्रेड शो में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों और 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आने की उम्मीद जताई गई है। आयोजन में उत्तर प्रदेश के MSME, मैन्युफैक्चरिंग, ODOP, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, EV, हेल्थकेयर और रक्षा क्षेत्र समेत कई सेक्टरों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश के पास पहले भी बड़ी आबादी, जमीन और मेहनतकश कारीगर थे, लेकिन उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल की कमी थी। उनके मुताबिक 2017 में भाजपा सरकार बनने और योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद कानून-व्यवस्था और निवेश के माहौल में बदलाव आया। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से निवेशकों का रुझान राज्य की ओर बढ़ा है।
‘कट्टा-बम की जगह रक्षा उत्पाद बन रहे’
अमित शाह ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की पुरानी छवि और मौजूदा औद्योगिक गतिविधियों के बीच तुलना की। उन्होंने दावा किया कि पहले प्रदेश में अपराध और अवैध हथियारों से जुड़ी गतिविधियों का बोलबाला था, जबकि अब उसी राज्य में रक्षा उपकरणों का निर्माण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि वाहन चोरी और चेन स्नैचिंग जैसी गतिविधियों के बजाय अब वाहन निर्माण और मेडिकल डिवाइस जैसे क्षेत्रों में काम बढ़ रहा है। शाह ने इन बदलावों को उत्तर प्रदेश में निवेश और उद्योगों के लिए बदले माहौल से जोड़ते हुए योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की नीतियों का उल्लेख किया। यह उनका राजनीतिक दावा है, जबकि राज्य में निवेश और औद्योगिक विस्तार से जुड़े आधिकारिक आंकड़े अलग-अलग क्षेत्रों में प्रगति को दर्ज करते हैं।
डिफेंस कॉरिडोर में छह नोड पर निवेश
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर के छह नोड—झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर—में रक्षा क्षेत्र से जुड़े निवेश आ रहे हैं।
उन्होंने लखनऊ में तैयार हो रही ब्रह्मोस मिसाइल और अमेठी में निर्मित AK-203 असॉल्ट राइफल का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का रक्षा उत्पादन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। शाह ने ब्रह्मोस को लेकर पाकिस्तान और AK-203 को लेकर नक्सलियों व आतंकियों पर असर संबंधी टिप्पणी भी की।
लखनऊ में ब्रह्मोस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन मई 2025 में हुआ था। यह सुविधा उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा है, जहां मिसाइल की असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग का काम किया जाता है। इसकी पहली खेप अक्टूबर 2025 में रवाना की गई थी।
ODOP और एक्सप्रेसवे को बताया बदलाव का आधार
शाह ने उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय उद्योगों का उल्लेख करते हुए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट यानी ODOP योजना को भी रेखांकित किया। उनके मुताबिक इस पहल के जरिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों के स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
UPITS 2026 के आधिकारिक विवरण में भी ODOP के साथ कृषि, टेक्सटाइल, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, ऑटोमोबाइल, EV, हेल्थकेयर और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी गई है। ट्रेड शो का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के निर्माताओं, निर्यातकों और MSME को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ना है।
2025 के मुकाबले इस बार बड़े कारोबारी लक्ष्य
पिछले संस्करण के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए इस बार के ट्रेड शो को और बड़ा बनाने की तैयारी है। आधिकारिक UPITS आंकड़ों के मुताबिक 2025 के संस्करण में 2,228 प्रदर्शक, 525 अंतरराष्ट्रीय खरीदार और 1,40,735 घरेलू B2B खरीदार शामिल हुए थे। इस दौरान 2,400 से अधिक MoU हुए, जिनकी घोषित कुल कीमत करीब 1,882 करोड़ रुपये थी, जबकि कारोबारी पूछताछ 11,200 करोड़ रुपये से अधिक रही।
2026 के संस्करण में आयोजन का दायरा बढ़ाया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस बार 2,400 से ज्यादा प्रदर्शक और 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी की उम्मीद है। वहीं India Today ने सरकारी आंकड़ों के हवाले से बताया है कि इस बार 4,000 से अधिक MoU और 3,200 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रस्तावित समझौतों का लक्ष्य रखा गया है।
एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
अमित शाह ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश, उत्पादन और कारोबार बढ़ने से यह लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
UPITS के आयोजकों के मुताबिक ट्रेड शो को उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस साल ऑस्ट्रिया, बेलारूस, जापान, रूस, सिंगापुर और वियतनाम को पार्टनर देशों के रूप में शामिल किया गया है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में मेक इन इंडिया के 12 वर्ष पूरे होने का भी जिक्र किया और कहा कि उत्तर प्रदेश में आयोजित यह ट्रेड शो विनिर्माण, डिजाइन, नवाचार और निर्यात को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। ट्रेड शो में होने वाली कारोबारी बैठकों और संभावित समझौतों से राज्य के MSME, निर्यातकों और निर्माताओं को नए बाजारों तक पहुंच मिलने की उम्मीद है।



