नई शिक्षा नीति (NEP) और अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (UGCF) के तहत पढ़ाई पूरी करने वाले योग्य छात्र बिना पोस्टग्रेजुएट डिग्री के भी पीएचडी कार्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय ने पहले आवेदन की अंतिम तिथि 14 सितंबर तय की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 16 सितंबर कर दिया गया।
किसे मिलेगा सीधा प्रवेश?
यह सुविधा केवल उन छात्रों के लिए है जिन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम पूरा किया है और विश्वविद्यालय की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य शोध के इच्छुक छात्रों को जल्दी अवसर उपलब्ध कराना है।
ऐसे पूरा करें आवेदन
उम्मीदवार विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल पर जाकर पीएचडी एडमिशन सेक्शन में लॉगिन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण, जरूरी दस्तावेज और रिसर्च प्रपोजल अपलोड करना होगा। आवेदन शुल्क जमा करने के बाद फॉर्म सबमिट किया जा सकेगा।
रिसर्च प्रपोजल पर भी दें ध्यान
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्रेशन, फीस भुगतान और रिसर्च प्रपोजल में संशोधन की अंतिम तिथि भी 16 सितंबर ही है। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और सभी विवरणों की जांच कर समय रहते आवेदन पूरा करें।
आगे की जानकारी कहां मिलेगी?
विषयवार शेड्यूल, इंटरव्यू और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े आगामी अपडेट विश्वविद्यालय के आधिकारिक प्रवेश पोर्टल पर जारी किए जाएंगे। उम्मीदवारों को नियमित रूप से पोर्टल चेक करने की सलाह दी गई है।
शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आवेदन की समय सीमा समाप्त होने के बाद नए पंजीकरण स्वीकार नहीं किए जाएंगे।